Culture, Poetry, Social

“आंगना और आखड़ा”

आबा केर हाजरी केर दिनएकगो लेमचूस में खुशीमंगर केर बजार सेआयो केर दौरा केरमुढ़ी और लडू में हसीं। ऐसान रहे जीवन गुंडरी और पंडकी लेखे मन,गुल्हेर केर गोली नियार सोच,माटी केर घर आंगन और गांव आखड़ारीझ रंग में धुरधुरा नाच । मोरान हेजान में सोब…