Culture, Poetry, Social

“आंगना और आखड़ा”

आबा केर हाजरी केर दिनएकगो लेमचूस में खुशीमंगर केर बजार सेआयो केर दौरा केरमुढ़ी और लडू में हसीं। ऐसान रहे जीवन गुंडरी और पंडकी लेखे मन,गुल्हेर केर गोली नियार सोच,माटी केर घर आंगन और गांव आखड़ारीझ रंग में धुरधुरा नाच । मोरान हेजान में सोब…

Poetry

The Day The Rooster Slept Late

Fred the red roosterAnd Speckled -Hen RoseWere dancing ‘til midnightOn tip-tapping toes They tangoed and fangoedBeneath the bright moonThey box-stepped and two-steppedWhile Fred hummed a tune It’s time you were sleepingSaid Rose with a yawnFor you must rise earlyTo wake up the dawn Let’s dance…

Poetry, Politics

“हेइज जाए हे मोर गाँव”

ई का होई गेलाक मोर गाँव के?कहाँ चइल गेलाक,कोनो नि बताएकेकोनो चिन्हा नि छोईड़ के।सुनसान छाँवहुर, सुनसान अखड़ासोब दुरा ढपल, अंगना नखे बढ़नाल।बहरे केर चूल्हा में आधा पोड़ाल लुठी,गरु गोहर खाली, छेगरी गुदरी खोलल,मुर्गीगुड़ा तो सुनसान माड़ा।का होलक मोर गाँव के? कबूर केर कच्चा माट्टी…

Poetry, Politics

“मोर आज़ादी केर इतिहास”

तिरंगा आइज खुइलके लहराथे,मोर छाती  एकदम फुलाल,हांथ सलामी ले उठाल,कदम ताल लगिन गोड़ मोर तैयार,का अगस्त, का जनवरीमोंय तो मोर माँट्टी ले सालों साल चढ़ाल । हिंयाँ केर माँट्टी तो मोय हेकों,मोरे लहू से हरा और मेहनत से भरपुर ।मोए आदिवासी, अपन ईज्ज्त के लुटेक…

Poetry

एक संवाद प्रकृति से…

Poem in Hindi by Reshma Ekka यूँ ही एक शाम चलते चलतेनदी के किनारे आकर कदम रुकने गएआज मन ने कहा चलोइन्हीं से कुछ बातें करते हैंजो कुछ ना कह कर भीना जाने कितनी ही बातें करतीं हैंनिरंतर बहती है,,, सोचती हूँ एक बूंद भी अगर…

Poetry

My Adorable Teacher

Teacher, Teacher, my adorable Teacher,You are my guide and preacher;You show the path and show the light,So that my future is bright ! Teacher, Teacher, my adorable Teacher,You are my guide and preacher;You teach lessons and make me strong,Always steady, you are never wrong! Teacher,…

Poetry

कविता

Poem in Hindi by Reshma Ekka मैं तो एक एहसास थीतुमने मुझे जीना सिखा दियाये सच है मैं डरती थी उजालों सेपर तुमने तो मुझे अंधेरों सेलड़ना सिखा दिया,,,, बनना चाहती थी मैं एक चमकता सितारातुमने तो मुझे पूरा चांद बना दियामैं ज़रा् थी तुमने…

Poetry

At Power

I hope now you live in peace,After deciding whose life to cease;Towards a human being or an animal,How can a man be so irrational? When the victim can’t talk,Is traumatized and in a shock;You believed yourself to be superior,While your act made you scarier. Being…

Poetry

Wrath of a Virus

A beautiful life begins with one’s birth;And its journey continues according to one’s luck.This human life is so uncertain to every born child.The year 2020 welcomed and bade farewell to many In 2020 many began new pages of their life;Hoping, desiring to fulfill the dreams…

Poetry

याद तुम्हारी आती है

Poem in Hindi by Dr Megha Bhengra दो अलग अलग जिदंगियां थी हमारी तुम किसी छोर में और मैं किसी ओर एक दूसरे के वजूद की थी न जानकारी बस जी थे रहे न थी हमारे बीच कोई डोर हम कब इतने घुलमिल गए पता ही…