Literature

Jungle war and the warriors

Monkeys in the jungle are shouting and restlessly jumping from one tree to another out of fear and anxiety, not knowing what needs to be done. They have seen something, which they don’t want to believe. The birds are shrieking loudly. The jungle inmates are…

Poetry, Politics

“हेइज जाए हे मोर गाँव”

ई का होई गेलाक मोर गाँव के?कहाँ चइल गेलाक,कोनो नि बताएकेकोनो चिन्हा नि छोईड़ के।सुनसान छाँवहुर, सुनसान अखड़ासोब दुरा ढपल, अंगना नखे बढ़नाल।बहरे केर चूल्हा में आधा पोड़ाल लुठी,गरु गोहर खाली, छेगरी गुदरी खोलल,मुर्गीगुड़ा तो सुनसान माड़ा।का होलक मोर गाँव के? कबूर केर कच्चा माट्टी…

Literature

The Jeewan Tree

Once upon a time there was a jungle full of animals, birds, plants and trees. And in the middle of this jungle there was a huge and generously large tree. This was a unique tree, as it used to produce all types of fruits. In…

Poetry, Politics

“मोर आज़ादी केर इतिहास”

तिरंगा आइज खुइलके लहराथे,मोर छाती  एकदम फुलाल,हांथ सलामी ले उठाल,कदम ताल लगिन गोड़ मोर तैयार,का अगस्त, का जनवरीमोंय तो मोर माँट्टी ले सालों साल चढ़ाल । हिंयाँ केर माँट्टी तो मोय हेकों,मोरे लहू से हरा और मेहनत से भरपुर ।मोए आदिवासी, अपन ईज्ज्त के लुटेक…

Poetry

एक संवाद प्रकृति से…

Poem in Hindi by Reshma Ekka यूँ ही एक शाम चलते चलतेनदी के किनारे आकर कदम रुकने गएआज मन ने कहा चलोइन्हीं से कुछ बातें करते हैंजो कुछ ना कह कर भीना जाने कितनी ही बातें करतीं हैंनिरंतर बहती है,,, सोचती हूँ एक बूंद भी अगर…