Poem in Hindi by Reshma Ekka

मैं तो एक एहसास थी
तुमने मुझे जीना सिखा दिया
ये सच है मैं डरती थी उजालों से
पर तुमने तो मुझे अंधेरों से
लड़ना सिखा दिया,,,,

बनना चाहती थी मैं एक चमकता सितारा
तुमने तो मुझे पूरा चांद बना दिया
मैं ज़रा् थी तुमने तो मुझे आफ़ताब बना कर
आसमान में बिठा दिया,,,, 

मैं रात की चादर में
सिमटी हुई एक कल्पना थी
सुबह की रौशनी में तुमने मुझे
कविता बना दिया,,,, 

मैं क्या कहूँ
कैसे कहूँ
तुमने तो मुझे
खुद मुझसे ही मिला दिया.